Namo Drone Didi Yojana: भारत को कृषि क्षेत्र में आधुनिक बनाने और ग्रामीण महिलाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत देश भर के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ड्रोन उड़ाने, उनकी मरम्मत करने और खेती में उनके उपयोग की ट्रेनिंग दी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन से लैस करना है, ताकि वे न केवल सशक्त बनें बल्कि खेती के तरीकों को भी डिजिटल बना सकें। इस लेख में हम ड्रोन दीदी योजना की पात्रता, लाभ और ट्रेनिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानेंगे। (Namo Drone Didi Yojana)
Namo Drone Didi Yojana: मुख्य उद्देश्य
पारंपरिक खेती में कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव करना काफी कठिन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। ड्रोन की मदद से यह काम बहुत कम समय (लगभग 15-20 मिनट में एक एकड़) में और कुशलता से किया जा सकता है। सरकार इस योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को ‘ड्रोन पायलट’ बनाकर उनकी आय बढ़ाना चाहती है।
Namo Drone Didi Yojana: शानदार लाभ (Benefits)
- मुफ्त ट्रेनिंग: महिलाओं को 15 दिनों की प्रोफेशनल ड्रोन पायलट ट्रेनिंग दी जाती है।
- वित्तीय सहायता: ट्रेनिंग के दौरान और बाद में काम शुरू करने पर महिलाओं को मासिक मानदेय (लगभग ₹15,000) देने का प्रावधान है।
- आधुनिक खेती: ड्रोन के जरिए यूरिया (Liquid Urea) और कीटनाशकों का सटीक छिड़काव होगा, जिससे पानी और समय की बचत होगी।
- किराये से आय: स्वयं सहायता समूह इन ड्रोनों को अन्य किसानों को किराये पर देकर अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे।
Namo Drone Didi Yojana: पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
- महिला स्वयं सहायता समूह (SHG): आवेदिका का किसी सक्रिय स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना अनिवार्य है।
- शैक्षिक योग्यता: महिला कम से कम 10वीं पास होनी चाहिए।
- आयु सीमा: महिला की आयु 18 वर्ष से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- निवासी: वह भारत के किसी ग्रामीण क्षेत्र की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
Namo Drone Didi Yojana: ट्रेनिंग की प्रक्रिया (Training Details)
चयनित महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रों पर ट्रेनिंग दी जाती है:
- 8 दिन का कोर्स: बुनियादी कृषि ड्रोन संचालन की जानकारी।
- 7 दिन का कोर्स: ड्रोन पायलट लाइसेंस के लिए अनिवार्य तकनीकी ट्रेनिंग।
- मरम्मत ट्रेनिंग: ड्रोन में आने वाली छोटी-मोटी तकनीकी खराबी को ठीक करने की शिक्षा।
Namo Drone Didi Yojana: आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड
- स्वयं सहायता समूह (SHG) का प्रमाण पत्र/ID
- 10वीं की मार्कशीट
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
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Namo Drone Didi Yojana: आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
वर्तमान में इस योजना के लिए व्यक्तिगत आवेदन के बजाय समूहों के माध्यम से चयन किया जा रहा है:
- अपनी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में जाकर ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ की जानकारी लें।
- अपने Self Help Group (SHG) के माध्यम से ‘Livelihood Mission’ के तहत आवेदन फॉर्म भरें।
- चयनित समूहों की सूची संबंधित विभाग (महिला एवं बाल विकास या कृषि विभाग) द्वारा जारी की जाती है।
- आप CSC Centre या कृषि विभाग की वेबसाइट पर अपडेट्स चेक कर सकते हैं।
- click the link: Apply now
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1.Namo Drone Didi Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?
सरकार स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन खरीदने के लिए 80% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹8 लाख) प्रदान करती है।
2. ड्रोन पायलट बनने के लिए क्या लाइसेंस जरूरी है?
हाँ, ट्रेनिंग पूरी होने के बाद महिलाओं को एक आधिकारिक ड्रोन पायलट लाइसेंस दिया जाता है, जो कानूनी रूप से ड्रोन उड़ाने के लिए अनिवार्य है।
3. एक ड्रोन से एक दिन में कितनी जमीन पर छिड़काव हो सकता है?
एक कुशल ड्रोन दीदी एक दिन में लगभग 20 से 25 एकड़ जमीन पर छिड़काव कर सकती है।
4. क्या शहरी महिलाएं भी इसमें आवेदन कर सकती हैं?
फिलहाल यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि विकास और वहां के SHGs के लिए है।
5. ड्रोन की कीमत क्या होती है?
एक अच्छे कृषि ड्रोन की कीमत ₹10 लाख से ₹12 लाख के बीच होती है, जिसका बड़ा हिस्सा सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है।
6. क्या ट्रेनिंग के पैसे देने पड़ते हैं?
नहीं, चयनित महिलाओं के लिए यह ट्रेनिंग पूरी तरह से निःशुल्क (Free) है।
7. क्या इस योजना के लिए कंप्यूटर का ज्ञान जरूरी है?
बुनियादी समझ जरूरी है, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान ड्रोन चलाने वाले मोबाइल ऐप और रिमोट कंट्रोल की पूरी जानकारी दी जाती है।
8. ड्रोन खराब होने पर क्या होगा?
ट्रेनिंग में बेसिक रिपेयरिंग सिखाई जाती है, साथ ही सरकार द्वारा रखरखाव (Maintenance) के लिए सहायता भी प्रदान की जाती है।
9. क्या इसमें मानदेय (Salary) मिलता है?
हाँ, ट्रेनिंग के बाद ड्रोन संचालित करने वाली महिला को समूह के माध्यम से निश्चित मानदेय दिया जाता है।
निष्कर्ष
नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण भारत में ‘टेक्नोलॉजी क्रांति’ लाने वाली है। यह न केवल महिलाओं के हाथों में रिमोट थमाकर उन्हें सशक्त बना रही है, बल्कि भारतीय कृषि को भी भविष्य के लिए तैयार कर रही है। यदि आप भी किसी SHG से जुड़ी हैं, तो इस अवसर का लाभ जरूर उठाएं। (Namo Drone Didi Yojana)
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह जानकारी केवल सूचना के लिए है। योजना के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। आवेदन से पहले अपने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या कृषि विभाग से पुष्टि अवश्य करें।
